ज्योतिष एक बहुत बड़ा और गूढ़ विषय है और इसे गहनता से सीखने के लिए और एक अच्छा ज्योतिषी बनने के लिए समय, समर्पण, परिश्रम और अभ्यास की आवश्यकता है।
पहले इस विद्या के बुनियादी नियमों अवं गूढतम रहस्यों को समझते हुए अपना आधार (नींव) मजबूत बनाना बेहद जरुरी है। वैदिक संस्कृति एवं इसकी विशेषताओं के अध्ययन द्वारा इसको आत्मसात किया जा सकता है I ज्योतिष को वेदों का अंग (नेत्र) कहा जाता है, ज्योतिष में वो दिव्य ज्योति है जो हमारा मार्गदर्शन कर सकती है अतः इस विषय को सनातन धर्म एवं वेदों के अध्ययन द्वारा और गहनता से समझा जा सकता है I ज्योतिष विद्या का आधार सनातन धर्म ही है I
संकटों से निवारण हेतु, ज्ञानिओं द्वारा बताए विभिन्न लाभदायक वैदिक उपाय (मंत्र, यन्त्र, तंत्र, हवन, दान, विधिविधान अदि) भी हमें इन ग्रंथों में मिलते हैं I
ऐसा करते हुए ज्योतिष विषय के मूल सिद्धान्तो और महान भविष्यदृष्टाओं एवं महार्षियों द्वारा रचित रचनाओं को समझते हुए इस गुप्त विद्या के विशाल समुद्र में सुगमता से तैरा जा सकता है और ज्ञानार्जन किया जा सकता है I
सृष्टि निर्माणकर्ता ब्रम्ह देव ने मनुष्य जाति के कल्याण के लिए स्वयं अपने मुख से ज्यातिष अर्थात् वेद एवं वेदांग को भविष्यदृष्टा मनीषियों एवं महार्षियों को प्रवचन (बताया) दिया जो बाद में इस वैदिक गुप्त ज्ञान को गुरू-शिष्य परम्परा (गुरूकुल) के माध्यम द्वारा आजतक विद्यमान है। अतः इस विद्या को मनुष्यता के खिलाफ या अनैतिक उद्देश्यों की पूर्ती के लिये अगर कोई उपयोग करता है तो उसका यह कृत्य ईश्वर की दृष्टि में अक्षम्य होता है।
वृहत् पराशर होरा शास्त्र में भारतीय ज्योतिष के एक मूर्धन्य विद्वान महार्षि पाराशर ने अपने शिष्य मैत्रेय से कहा कि मनुष्य के कल्याण के लिए गुप्त विद्या उस मनुष्य को देना चाहिए जो शांतिप्रि हो, धार्मिक हो, जिसके लिये गुरू आदरणीय अवं विश्वसनीय हों, एवं वह सत्य वचन बोलने वाला हो।
जितना अधिक आप वैदिक ज्योतिष सीखते जाएंगे उतना ही आप अपने आप को गहराई से समझ पाएंगे ।आप अपने आसपास की विभिन्न परिस्थितियों को समझेंगे, अपने चरित्र, आपकी क्षमताओं, अपनी कमियों/कमजोरियों आदि को जानेंगे I
गहन अध्ययन, दृढ़ता और विभिन्न वास्तविक जीवन स्थितियों (कुंडली) में ज्ञान के व्यावहारिक प्रयोग द्वारा, आप एक पेशेवर ज्योतिष बन सकते हैं और इस दिव्य ज्ञान के साथ दूसरों की मदद कर सकते हैं।
स्वयं, वैदिक उपचारों का पालन करके आप सबसे पहले उनसे लाभ लेंगे और अपने जीवन की समस्याओं को कम करेंगे। नतीजतन, दिव्य ज्ञान में आपका विश्वास समय के साथ और अधिक विकसित होगा। इसके उपरांत, आप दूसरों की समस्याओं को हल करने, दूसरों को ठीक करने / लोगों की मदद करने में निस्संदेह सक्षम होंगे ।
सभी अध्ययन सामग्री का स्रोत भारतीय ज्योतिष की पुस्तकें और हिंदू शास्त्र (वेद, उपनिषद, भगवद गीता, रामायण, महाभारत और विभिन्न पुराण) हैं। उचित स्थानों पर, विषय पर अधिक जानकारी के लिए संदर्भ उद्धृत किए गए हैं।
ज्योतिष कोर्स की अवधि 4 वर्ष है I
आप अपने ज्योतिष सीखने की लय चुन सकते हैं और फीस का चयन कर सकते हैं जो भी आपके लिए सबसे उपयुक्त हो
इस फीस में निजी FaceBook और WhatsApp ग्रुप की मासिक सदस्यता शामिल है।
निम्नलिखित चार विकल्प उपलब्ध हैं:
1. 3 घंटे की अवधि के ज्योतिष वीडियो लैसन / महीना = 1100 ₹ / 18 €
2. 6 घंटे की अवधि के ज्योतिष वीडियो लैसन / महीना = 2200 ₹ / 36 €
3. 36 घंटे की अवधि के ज्योतिष वीडियो लैसन (1/2 वर्ष) = 13200 ₹ / 216 €
(5% छूट, तो आप 12540 ₹ / 205 € का भुगतान करते हैं)
4. 72 घंटे की अवधि के ज्योतिष वीडियो लैसन (1 वर्ष) = 26400 ₹ / 432 €
(10% छूट, तो आप 23760 ₹ / 389 € का भुगतान करते हैं)
यदि आप ज्योतिष शास्त्र को एक पद्धतिगत तरीके से सीखना चाहते हैं तो कृपया गौरव दवे से संपर्क करें
Email ([email protected], [email protected]),
WhatsApp/telephone (0033625750152).
आपके मन में कोई अन्य प्रश्न हो तो भी बेझिझक संपर्क करें I